जगदलपुर। बस्तर संभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त होने का गौरव प्राप्त किया है। राष्ट्रीय नेत्र ज्योति योजना के तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों में चिह्नित सभी मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया, जिससे अब तक 5998 लोगों को नई रोशनी मिल चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बीजापुर जिलों में व्यापक स्तर पर मोतियाबिंद मरीजों की पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार और ऑपरेशन कराया गया। इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि पूवर्ती जैसे बेहद दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों के बुजुर्गों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं और उनकी आंखों की रोशनी वापस लौटाई जा सकी।
राष्ट्रीय नेत्र ज्योति योजना से मिली बड़ी सफलता
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नेत्र ज्योति योजना का उद्देश्य मोतियाबिंद के कारण होने वाली दृष्टिहीनता को समाप्त करना है। इसी लक्ष्य को लेकर बस्तर संभाग में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान चलाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
बस्तर जिले के शासकीय महारानी अस्पताल में पदस्थ नेत्र विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी डॉ. सरिता थॉमस ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक मरीजों का सफल ऑपरेशन किया। अप्रैल से मार्च तक 3200 ऑपरेशन के लक्ष्य के मुकाबले 3554 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन कर उन्हें नई दृष्टि प्रदान की गई।
बच्चों में जन्मजात मोतियाबिंद का भी उपचार
डॉ. सरिता थॉमस ने बताया कि कई बच्चों में जन्मजात मोतियाबिंद की समस्या पाई जाती है, जिसका समय पर पता नहीं चल पाता। ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी दोनों आंखों का ऑपरेशन किया गया, जिससे वे सामान्य रूप से दुनिया देख पा रहे हैं। यह अभियान केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा बल्कि बच्चों के भविष्य को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ।
सात जिलों में हुए हजारों ऑपरेशन
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में:
बस्तर जिले में 3554 ऑपरेशन
कांकेर जिले में 1555 ऑपरेशन
बीजापुर जिले में 269 ऑपरेशन
दंतेवाड़ा जिले में 163 ऑपरेशन
सुकमा जिले में 185 ऑपरेशन
कोंडागांव जिले में 169 ऑपरेशन
नारायणपुर जिले में 103 ऑपरेशन
सफलतापूर्वक किए गए।
हर मरीज तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
स्वास्थ्य विभाग बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया ने बताया कि पिछले छह महीनों में दो आंखों से प्रभावित 1068 तथा एक आंख से प्रभावित 3295 मरीजों का सफल उपचार और ऑपरेशन किया गया। उन्होंने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
बस्तर का मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त घोषित होना स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों और प्रशासन की समन्वित कार्यशैली का परिणाम माना जा रहा है। यह उपलब्धि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच और सुशासन का भी प्रमाण है।