योग की पढ़ाई करने वाले युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार, बस्तर को योग और आयुर्वेद हब बनाने की तैयारी
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में योग शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ योग आयोग नई पहल करने जा रहे हैं। योग विषय में पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए 23 जुलाई को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें रोजगार का विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा।
यह जानकारी छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने अपने प्रथम बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बस्तर योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेश का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
योग शिक्षा से रोजगार तक की तैयारी
संजय अग्रवाल ने बताया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से योग की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक आयोजित कर रोजगार आधारित कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योग शिक्षा को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार मिल सके।
बस्तर में आयुर्वेदिक एम्स की उम्मीद
पत्रकार वार्ता में सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर में लगभग 400 से 500 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना के लिए केंद्र और राज्य सरकार स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय आयुष मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कई दौर की चर्चा हो चुकी है। यदि छत्तीसगढ़ को आयुर्वेदिक एम्स की स्वीकृति मिलती है, तो बस्तर इसकी सबसे मजबूत दावेदारी रखता है।
वेलनेस सेंटर से मिलेगा स्थानीय युवाओं को रोजगार
योग आयोग अध्यक्ष ने बताया कि बस्तर की प्राकृतिक परिस्थितियां योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के लिए बेहद अनुकूल हैं। इसी को देखते हुए यहां वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।
इन केंद्रों में स्थानीय युवाओं को योग प्रशिक्षक, पंचकर्म सहायक और थेरेपिस्ट के रूप में प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्कूलों में भी बढ़ेगा योग का दायरा
उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में योग को पाठ्यक्रम से जोड़ने की तैयारी अंतिम चरण में है। इसके अलावा नया रायपुर में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक योग भवन एवं थेरेपी सेंटर का निर्माण भी शुरू हो चुका है, जो राज्य में योग और प्राकृतिक चिकित्सा को नई पहचान देगा।
पत्रकार वार्ता में चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्याम सोमानी, पतंजलि योग समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. मनोज पाणिग्राही, जिला आयुष अधिकारी डॉ. मोहिनिश साहू सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।