राजस्थान के बारां जिले में पान मसाला विज्ञापन को लेकर दायर एक शिकायत पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और विमल पान मसाला कंपनी के मालिक विमल अग्रवाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अदालत ने सभी पक्षों को 9 जुलाई को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
शिकायत में विमल पान मसाला के विज्ञापन में किए गए "दाने-दाने में केसर का दम" जैसे दावे को भ्रामक बताया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कम कीमत में बिकने वाले पान मसाला उत्पाद में केसर जैसी महंगी सामग्री होने का दावा उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि लोकप्रिय फिल्मी सितारों के प्रचार के कारण लोग इन उत्पादों पर अधिक भरोसा करते हैं। ऐसे विज्ञापन उपभोक्ताओं को प्रभावित करते हैं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बावजूद उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देते हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायत को गंभीर मानते हुए अभिनेता अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और कंपनी के मालिक विमल अग्रवाल को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पक्ष व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिवक्ता के माध्यम से 9 जुलाई को उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत कर सकते हैं।
गौरतलब है कि पान मसाला और सरोगेट विज्ञापनों को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। देशभर में विभिन्न उपभोक्ता मंचों और अदालतों में ऐसे विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं। कई बार जनविरोध बढ़ने पर फिल्मी हस्तियों को आलोचना का सामना करना पड़ा है और कुछ सितारों ने ऐसे विज्ञापनों से दूरी भी बनाई है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भ्रामक विज्ञापनों और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।