बस्तर में बढ़ा मलेरिया का खतरा: 6 महीने में 8,426 मरीज मिले, बारिश के साथ स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जगदलपुर, 5 जून। मानसून की शुरुआत के साथ ही बस्तर संभाग में मलेरिया का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान, सर्वे और रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जनवरी से जून 2026 तक के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। इस अवधि में संभाग के सातों जिलों में 8,426 मलेरिया मरीज सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बस्तर संभाग की 36,09,175 आबादी में से 6,63,015 लोगों की मलेरिया जांच की गई। जांच के दौरान हजारों संक्रमित मरीजों की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया गया। हालांकि अब तक राहत की बात यह है कि मलेरिया से किसी भी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है।
बीजापुर सबसे अधिक प्रभावित
जिलावार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 3,173 मरीज बीजापुर जिले में मिले हैं। इसके बाद सुकमा में 1,686, दंतेवाड़ा में 1,344, नारायणपुर में 896, बस्तर जिले में 809, कोंडागांव में 329 और कांकेर में 189 मरीजों की पुष्टि हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के दौरान जलभराव और नमी बढ़ने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे आने वाले महीनों में संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने तेज किया अभियान
बारिश शुरू होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया है। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर सर्वे, त्वरित जांच और उपचार किया जा रहा है। साथ ही लोगों को दवा-युक्त मच्छरदानियां भी वितरित की जा रही हैं।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों में विशेष स्वास्थ्य जांच दल तैनात किए गए हैं, ताकि संक्रमण की समय पर पहचान कर उपचार किया जा सके।
लोगों से बरतने की अपील
बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. महेश सांडिया ने बताया कि लगातार नए मरीज मिलना इस बात का संकेत है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। उन्होंने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को रोकथाम अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घर और आसपास पानी जमा न होने दें, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें तथा बुखार, ठंड लगना या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मितानिन से संपर्क कर मलेरिया की जांच कराएं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो मानसून के पूरे सीजन में मलेरिया के मामलों में और वृद्धि हो सकती है।