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स्वास्थ्य 9 अगस्त 2026 2 मिनट का पठन 6 दिन पहले

चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुन और बोलने लगी

अपडेट किया गया: 5 दिन पहले

चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुन और बोलने लगी

चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुन और बोल रही है

कांकेर, 9 अगस्त 2026। सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं किस तरह जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन सकती हैं, इसका उदाहरण उत्तर बस्तर कांकेर में सामने आया है। जिला मुख्यालय के संजय नगर निवासी अमित सिंदूर की 6 वर्षीय बेटी रिया सिंदूर, जो जन्म से सुनने और बोलने में असमर्थ थी, अब उपचार के बाद सुनने और बोलने लगी है।

चिरायु टीम ने की बीमारी की पहचान

रिया की समस्या की पहचान चिरायु योजना के तहत किए जा रहे नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान हुई। जांच के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए एम्स रायपुर भेजा गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच में बच्ची के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट की आवश्यकता बताई गई।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह उपचार निजी अस्पताल में कराना बेहद मुश्किल था। कॉक्लियर इम्प्लांट में निजी अस्पताल में करीब 10 से 12 लाख रुपये तक का खर्च आने की संभावना थी।

एम्स रायपुर में हुआ निःशुल्क ऑपरेशन

चिरायु योजना के अंतर्गत रिया का 6 जुलाई 2026 को एम्स रायपुर में निःशुल्क ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद बच्ची के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब रिया सुनने और बोलने लगी है तथा एम्स रायपुर में उसकी आगे की थेरेपी भी जारी है।

रिया के माता-पिता ने अपनी बेटी के सफल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह उपचार केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटी के बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका

रिया के उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोहित वर्मा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुनील सोनी, जिला सलाहकार डॉ. विनोद वैध, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशांक गुप्ता सहित चिरायु टीम के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सहयोग किया।

चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। रिया की कहानी इस बात की मिसाल है कि समय पर पहचान, सही उपचार और सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल जाए तो बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव संभव है।

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बस्तर संवाददाता

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