राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कोंडागांव जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों की पहचान के लिए विशेष सर्वे अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे वयस्क नागरिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से केवल पढ़ना-लिखना सिखाने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के साथ डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी, व्यावसायिक कौशल और जीवनोपयोगी विषयों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
कलेक्टर ने दिए व्यापक सर्वे और जनजागरूकता के निर्देश
जिला कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले के असाक्षर नागरिकों की पहचान कर उनका सर्वे एवं पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर और घर-घर संपर्क अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया।
सभी विभागों का मिलेगा सहयोग
अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा कर्मियों, एनसीसी, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा अन्य विभागों का सहयोग लिया जाएगा। सभी मिलकर जिले में असाक्षर नागरिकों की पहचान और पंजीयन का कार्य करेंगे।
सितंबर 2026 की महापरीक्षा पर फोकस
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि सर्वे के माध्यम से चिन्हित सभी पात्र असाक्षर नागरिकों की सितंबर 2026 में आयोजित होने वाली महापरीक्षा में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके माध्यम से उन्हें साक्षर बनाकर आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोंडागांव का कोई भी 15 वर्ष से अधिक आयु का नागरिक शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य के साथ पूरे जिले में अभियान चलाकर सभी असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।