जगदलपुर। बस्तर संभाग के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के 25 विद्यार्थियों का चयन आईआईटी मद्रास में आयोजित होने वाले सेमीकंडक्टर स्किलिंग प्रोग्राम के लिए किया गया है। यह प्रशिक्षण 13 से 24 जुलाई तक आयोजित होगा और इसमें चयनित छात्र-छात्राओं को आधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योग्यता परीक्षा के आधार पर हुआ चयन
विश्वविद्यालय में आयोजित योग्यता परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर 16 छात्राओं और 9 छात्रों का चयन किया गया है। इस परीक्षा में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर के कुल 265 विद्यार्थियों ने भाग लिया था।
चयनित विद्यार्थियों में जनजातीय अंचल के प्रतिभाशाली युवा शामिल हैं, जिन्हें देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के पहले विश्वविद्यालय के छात्र होंगे प्रशिक्षित
शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी आईआईटी मद्रास में सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के पहले विश्वविद्यालय के छात्र होंगे। यह प्रशिक्षण उन्हें अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण तकनीक की जानकारी देगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल तकनीकी कौशल विकसित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को देश के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर उद्योग में करियर बनाने का अवसर भी देगा।
नवा रायपुर और राजनांदगांव में बन रही है सेमीकंडक्टर यूनिट
छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) के माध्यम से नवा रायपुर और राजनांदगांव में लगभग 1,145 करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इन इकाइयों में 5G और 6G तकनीक के लिए सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित यूनिट के दिसंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है।
रोजगार दिलाने की भी होगी पहल
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि आईआईटी मद्रास से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चयनित विद्यार्थियों को राज्य में स्थापित होने वाली सेमीकंडक्टर इकाइयों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
यह पहल बस्तर के युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा और आधुनिक उद्योगों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।