21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल, 25 बच्चों को मिला शिक्षा का नया अवसर
बीजापुर, 9 अगस्त 2026। बीजापुर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में उसूर विकासखंड के प्राथमिक शाला मेटापारा, कोरसागुड़ा का 21 वर्षों बाद पुनः संचालन शुरू किया गया।
25 बच्चों का फूलमाला से स्वागत
स्कूल के दोबारा खुलने से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का फूलमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। बच्चों को स्लेट, पुस्तकें और पेंसिल भी वितरित की गईं। लंबे अंतराल के बाद गांव में स्कूल की घंटी और पढ़ाई की शुरुआत बच्चों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
गांव में लौटी पढ़ाई की रौनक
स्कूल खुलने से ग्रामीणों और अभिभावकों में भी उत्साह देखने को मिला। अब गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
जिला पंचायत सदस्य शंकरैया माड़वी ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
बीजापुर में 38 बंद स्कूल फिर शुरू
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे के अनुसार, राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रयासों से वर्तमान शिक्षा सत्र में बीजापुर जिले के 38 बंद स्कूलों का पुनः संचालन किया जा चुका है। इन विद्यालयों में स्थानीय संसाधनों और शिक्षादूतों की मदद से पढ़ाई शुरू कराई गई है।
इस पहल का उद्देश्य वर्षों से शिक्षा से दूर रहे बच्चों को दोबारा विद्यालयों से जोड़ना और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में लाना है।
दूरस्थ बच्चों तक पहुंच रही शिक्षा की रोशनी
मेटापारा कोरसागुड़ा स्कूल का 21 वर्षों बाद खुलना केवल एक विद्यालय के पुनः संचालन की खबर नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ इलाकों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्कूल के दोबारा शुरू होने से गांव के 25 बच्चों को अपने ही क्षेत्र में पढ़ने का अवसर मिला है और उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए एक नई शुरुआत हुई है।