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छत्तीसगढ़ खबर 31 मई 2026 2 मिनट का पठन 31 मई 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना को मिली रफ्तार, जिलों को 2677 करोड़ रुपये जारी

अपडेट किया गया: 31 मई 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इससे दूसरी और तीसरी किश्त का भुगतान कर लाखों आवासों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना को मिली रफ्तार, जिलों को 2677 करोड़ रुपये जारी

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की है। यह राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से आवंटित की गई है, जिससे पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "हर गरीब को पक्का घर" संकल्प को छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। वहीं वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी की गई राशि का उपयोग योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवासों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। इस राशि से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को दूसरी और तीसरी किश्त का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े हजारों समूह इस योजना के माध्यम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं। इनमें 10 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम भी बन रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को भी योजना के तहत पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

राज्य सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न केवल लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और प्रदेश में समग्र विकास को नई गति मिल रही है।

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बस्तर संवाददाता

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