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छत्तीसगढ़ खबर 29 मई 2026 2 मिनट का पठन 29 मई 2026

नियद नेल्ला नार 2.0 के तहत सुदूर गांवों में पहुंचेगी सरकारी योजनाएं

अपडेट किया गया: 29 मई 2026

छत्तीसगढ़ सरकार माओवादी प्रभावित और दूरस्थ इलाकों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नियद नेल्ला नार 2.0 अभियान शुरू करने जा रही है।

नियद नेल्ला नार 2.0 के तहत सुदूर गांवों में पहुंचेगी सरकारी योजनाएं

रायपुर, 29 मई। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोडने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।

आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी।

इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे।

14 सामुदायिक सुविधाओं से सुदृढ़ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सडक़ व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र, पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।

बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।

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बस्तर संवाददाता

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