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लोक जीवन 25 मई 2026 2 मिनट का पठन 25 मई 2026

भारत का सबसे एडवांस गांव हर घर में AC-कूलर, बिजली बिल जीरो

अपडेट किया गया: 25 मई 2026

ऐसा गांव जहां हर घर में AC-कूलर चलता है, लेकिन बिजली बिल नहीं आता!

भारत का सबसे एडवांस गांव हर घर में AC-कूलर, बिजली बिल जीरो

Solar model village in india :- भारत के कई गांव आज भी बिजली कटौती, महंगे बिल और कमजोर सुविधाओं की समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन महाराष्ट्र के सतारा जिले का एक छोटा सा गांव इन सभी चुनौतियों को पीछे छोड़कर देश के लिए मिसाल बन गया है। यह गांव न केवल 100% सोलर ऊर्जा पर चलता है, बल्कि यहां के घरों में एसी, कूलर, टीवी और फ्रिज जैसी सुविधाएं भी बिना बिजली बिल के इस्तेमाल होती हैं।

मायाचीवाड़ी बना देश का मॉडल गांव

महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित मायाचीवाड़ी गांव आज “भारत का एडवांस गांव” कहलाया जा रहा है। करीब 102 घरों वाले इस गांव की हर छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। गांव की जरूरत की पूरी बिजली सोलर एनर्जी से तैयार होती है।


गांव में सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि स्कूल, ग्राम पंचायत कार्यालय, आंगनबाड़ी, स्ट्रीट लाइट, पानी सप्लाई और सीसीटीवी कैमरे भी सौर ऊर्जा से संचालित हैं।

बिजली बिल से मिली पूरी आजादी

मायाचीवाड़ी गांव के लोग अब बिजली बिल की चिंता से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। गांव के हर घर में एसी-कूलर चलते हैं, लेकिन बिजली का बिल लगभग शून्य आता है। यही वजह है कि यह गांव पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।

महिलाओं ने बदली गांव की तस्वीर

गांव के विकास में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गांव की महिलाओं ने आगे आकर स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में काम किया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि गांव आज आधुनिक सुविधाओं से लैस बन चुका है।

गांव की खास सुविधाएं

मायाचीवाड़ी गांव केवल सोलर ऊर्जा के लिए ही नहीं, बल्कि कई आधुनिक सुविधाओं के कारण भी जाना जाता है।

गांव में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं

हर घर में सोलर पैनल

24 घंटे स्वच्छ पानी की सप्लाई

पूरे गांव में सीसीटीवी निगरानी

वैज्ञानिक तरीके से वेस्ट मैनेजमेंट और ड्रेनेज सिस्टम

बच्चों के लिए आधुनिक पार्क

स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन

पशुओं के लिए “एनिमल ब्यूटी पार्लर” जैसी अनोखी व्यवस्था

76 अवॉर्ड जीत चुका है गांव

साल 2001 में ग्राम पंचायत बनने के बाद से गांव ने विकास के क्षेत्र में लगातार काम किया। इसी कारण मायाचीवाड़ी को अब तक 76 से ज्यादा पुरस्कार मिल चुके हैं।

दूसरे गांवों के लिए प्रेरणा

मायाचीवाड़ी आज यह साबित कर रहा है कि अगर गांव में सही योजना, तकनीक और जनभागीदारी हो, तो गांव भी शहरों से ज्यादा सुविधायुक्त बन सकते हैं। यह गांव “आत्मनिर्भर भारत” और “ग्रीन एनर्जी” का शानदार उदाहरण बन चुका है।

जहां एक ओर देश के कई हिस्से बिजली संकट से जूझ रहे हैं, वहीं मायाचीवाड़ी जैसे गांव भविष्य की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह गांव बताता है कि सौर ऊर्जा और सामूहिक प्रयास से गांवों का विकास संभव ही नहीं, बल्कि बेहद सफल भी हो सकता है।

लेखक

बस्तर संवाददाता

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