बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम सालेपाल के तुमपानी पटेलपारा में पेयजल संकट गंभीर बना हुआ है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला ग्रामीण अध्यक्ष जगदु राम कश्यप ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लिया और पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की टंकी का निर्माण तो किया गया, लेकिन वर्षों से वह बंद पड़ी है। जलापूर्ति व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीणों को प्रतिदिन एक से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित झरिया से पानी लाना पड़ता है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।
जगदु राम कश्यप ने कहा कि आजादी के लगभग आठ दशक बाद भी आदिवासी परिवार स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह स्थिति जल जीवन मिशन और "हर घर जल" जैसे अभियानों के दावों पर भी सवाल खड़े करती है।
उन्होंने बताया कि गांव के आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भी पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई बार बच्चों को दूर से पानी लाना पड़ता है या असुरक्षित जल स्रोतों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।
कश्यप ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए बंद पड़ी जलापूर्ति व्यवस्था को शीघ्र चालू करने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की पानी टंकी और जलापूर्ति प्रणाली को जल्द शुरू किया जाए, ताकि उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय कर पानी लाने की परेशानी से राहत मिल सके।