केशकाल पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड के ग्राम सालेभाट में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशाल सीड बॉल निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत सालेभाट एवं वन संसाधन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। समर्थन संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट सपोर्ट तथा एसबीआई फाउंडेशन के वित्तपोषण से संचालित एसबीआई ग्राम सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस अभियान में ग्रामवासियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शासकीय हाई स्कूल सालेभाट परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 50 हजार सीड बॉल निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा किया गया। प्रतिभागियों ने मिट्टी, जैविक खाद और विभिन्न प्रजातियों के बीजों की सहायता से हजारों सीड बॉल तैयार किए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा आगामी मानसून में बंजर और वनविहीन क्षेत्रों में हरियाली का विस्तार करना था। "एक बीज, हजारों हरियाली की उम्मीद" के संदेश के साथ तैयार किए गए सीड बॉल वर्षा ऋतु के दौरान विभिन्न उपयुक्त स्थानों पर बिखेरे जाएंगे, जिससे प्राकृतिक रूप से पौधों का विकास हो सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन, वन क्षरण और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामुदायिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सीड बॉल तकनीक कम लागत में बड़े पैमाने पर पौधारोपण और वन पुनर्जीवन का प्रभावी माध्यम है, जो जैव विविधता संरक्षण, मृदा एवं जल संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने और मानसून पूर्व तैयार सीड बॉल को उपयुक्त स्थानों पर प्रसारित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर व्याख्याता संदीप कुमार सेन, शिक्षक विनोद साहू, ग्राम पंचायत सालेभाट की सरपंच श्रीमती अंजुलता तुलेश नेताम, इको क्लब प्रभारी फणीश्वर साहू, जिला समन्वयक मंजीत साहू, शाला जनभागीदारी समिति अध्यक्ष प्रीत राम मरकाम, हीरालाल मंडावी, पंच जयचंद कुंजाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।