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छत्तीसगढ़ खबर 1 जून 2026 2 मिनट का पठन 1 जून 2026

जगदलपुर: आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए नसबंदी खोलने का विशेष शिविर, 28 युवाओं की जांच

अपडेट किया गया: 1 जून 2026

बस्तर में समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके पुनर्वासित युवाओं (आत्मसमर्पित नक्सलियों) के सामाजिक पुनर्स्थापन और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल

जगदलपुर: आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए नसबंदी खोलने का विशेष शिविर, 28 युवाओं की जांच

बस्तर में समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके पुनर्वासित युवाओं (आत्मसमर्पित नक्सलियों) के सामाजिक पुनर्स्थापन और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महारानी अस्पताल जगदलपुर में विशेष रिकैनालाइजेशन (नसबंदी खोलने) शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा युवाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

विशेष चैरिटेबल शिविर में यूरोलॉजिकल सोसायटी वेस्टर्न ज़ोन तथा एम्स रायपुर के विशेषज्ञ यूरोलॉजिस्टों की टीम ने भाग लिया। शिविर के दौरान इच्छुक पुनर्वासित युवाओं के नसबंदी खोलने (रिकैनालाइजेशन) संबंधी स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

शिविर में कुल 28 पुनर्वासित युवाओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनकी चिकित्सकीय जांच कर आवश्यक परीक्षण किए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्र युवाओं के रिकैनालाइजेशन ऑपरेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को पारिवारिक और सामाजिक जीवन में पूर्ण सहभागिता का अवसर प्रदान करना है। प्रशासन का मानना है कि इससे समाज की मुख्यधारा में लौट चुके युवाओं को सम्मानजनक और सामान्य जीवन जीने में सहायता मिलेगी।

शिविर के दौरान बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी., कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों ने कहा कि शासन की पुनर्वास योजनाओं का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पण को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि युवाओं को समाज में सम्मानपूर्वक स्थापित करना भी है। इस दिशा में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इस अवसर पर वेस्टर्न ज़ोन यूरोलॉजिकल सोसायटी एवं एम्स रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा भविष्य में भी बस्तर क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

शिविर के सफल संचालन में स्वास्थ्य विभाग, जिला अस्पताल के चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद सहित अनेक विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे।

यह पहल बस्तर में पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का अवसर प्रदान करेगी।

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बस्तर संवाददाता

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