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छत्तीसगढ़ खबर 25 मई 2026 2 मिनट का पठन 25 मई 2026

जगदलपुर कृषि कॉलेज के छात्रों ने समझी राष्ट्रीय संस्थानों की कार्यप्रणाली आधुनिक कृषि तकनीकों से हुए परिचित

अपडेट किया गया: 25 मई 2026

कृषि महाविद्यालय जगदलपुर के विद्यार्थियों ने उत्तर भारत के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण कर आधुनिक कृषि तकनीक, डेयरी प्रबंधन और अनुसंधान कार्यों की गहराई से जानकारी हासिल की।

जगदलपुर कृषि कॉलेज के छात्रों ने समझी राष्ट्रीय संस्थानों की कार्यप्रणाली आधुनिक कृषि तकनीकों से हुए परिचित

IGKV JAGDALPUR NEWS  जगदलपुर:- वर्तमान शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय जगदलपुर द्वारा बीएससी कृषि तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। अधिष्ठाता डॉ. आरएस नेताम के मार्गदर्शन में 90 छात्र-छात्राओं का दल 14 से 23 मई तक उत्तर भारत के विभिन्न राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के अध्ययन दौरे पर गया।

इस भ्रमण का आयोजन डॉ. अश्विनी ठाकुर और डॉ. एन.सी. मंडावी के विशेष प्रयासों से किया गया। पांच प्राध्यापकों के नेतृत्व में विद्यार्थियों को चार दलों में विभाजित कर सुव्यवस्थित तरीके से भ्रमण कराया गया। टीम का नेतृत्व डॉ. पीके सलाम, डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. चेतना खड़िकर और सह-समन्वयक संदीप ने किया।

यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नेशनल प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेस और नेशनल जीन बैंक का भ्रमण किया। यहां छात्रों ने एडवांस कृषि प्रणाली, बीज संरक्षण और अनुसंधान कार्यों को करीब से समझा।

इसके बाद करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में विद्यार्थियों ने साहीवाल, थारपारकर, करन स्विस और मुर्राह नस्लों का अध्ययन किया। एबीआरसी में कृत्रिम गर्भाधान और वीर्य संग्रहण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई, जहां क्लोन भैंसे ‘श्रेष्ठ’, ‘तेजस’ और ‘करण’ आकर्षण का केंद्र रहे।

छात्रों ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ व्हीट एंड बार्ली रिसर्च में गेहूं और जौ उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का अध्ययन किया। वहीं हिमाचल प्रदेश में कुल्लू स्थित कृषि विज्ञान केंद्र और हॉर्टिकल्चर संस्थानों में स्थानीय फसलों एवं उन्नत उत्पादन विधियों की जानकारी प्राप्त की।

मनाली और रोहतांग दर्रे की प्राकृतिक सुंदरता के साथ विद्यार्थियों ने स्थानीय बाजारों और कृषि व्यवस्था का भी अध्ययन किया। इसके बाद देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च अकादमी और सेंट्रल एकेडमी फॉर स्टेट फॉरेस्ट सर्विस का भ्रमण कर छात्रों ने वन अनुसंधान और उच्च शिक्षा के अवसरों को समझा।

भ्रमण से लौटे विद्यार्थियों ने इसे जीवन का प्रेरणादायक अनुभव बताया। छात्रों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन में कृषि और अनुसंधान को समझने का अवसर दिया।




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बस्तर संवाददाता

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