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छत्तीसगढ़ खबर 29 जून 2026 2 मिनट का पठन 1 दिन पहले

यूसीसी से धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई असर नहीं पड़ेगा: इंद्रेश कुमार

अपडेट किया गया: 23 घंटे पहले

वरिष्ठ विचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति या धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं

यूसीसी से धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई असर नहीं पड़ेगा: इंद्रेश कुमार

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में इंद्रेश कुमार ने सरल और सहज शब्दों में यूसीसी की अवधारणा को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू होने से किसी भी समाज, विशेष रूप से मुस्लिम समाज के धार्मिक और मौलिक अधिकारों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के लोगों को अपनी आस्था के अनुसार इबादत, पूजा-पद्धति, रोजा, नमाज, हज या अन्य धार्मिक परंपराओं का पालन करने से नहीं रोका जाएगा। यूसीसी केवल नागरिक कानूनों में समानता लाने की व्यवस्था है, न कि धार्मिक आस्थाओं में हस्तक्षेप करने का माध्यम। इंद्रेश कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए यूसीसी को लेकर समाज में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर विश्वास करने के बजाय समान नागरिक संहिता का अध्ययन करें और उसके वास्तविक प्रावधानों को समझें।

उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने से देश मजबूत होगा और सामाजिक सुधारों को गति मिलेगी। अपने संबोधन में उन्होंने कुरान का उल्लेख करते हुए कहा कि उसका पहला शब्द "इकरा" (पढ़ो) है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि पैगंबर साहब ने भी ज्ञान और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी भावना के साथ उन्होंने संदेश दिया कि "हम आधी रोटी खाएंगे, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएंगे।" उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब ने यह भी सिखाया है कि जिस देश में रहें, उससे प्रेम करें और उसके कानूनों का सम्मान करें। उन्होंने मुस्लिम समाज से कुरान और पैगंबर साहब की शिक्षाओं के अनुरूप समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

प्रश्नोत्तर सत्र में इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का अर्थ धार्मिक परंपराओं को समाप्त करना नहीं है। उन्होंने कहा कि विवाह की धार्मिक रस्में, नमाज, रोजा, हज, पूजा-पद्धति और अन्य धार्मिक मान्यताएं यूसीसी से प्रभावित नहीं होंगी। कार्यक्रम में उपस्थित मुस्लिम समाज के कई प्रतिनिधियों ने यूसीसी का स्वागत करते हुए तीन तलाक जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए सुधारात्मक प्रयासों की सराहना भी की।

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बस्तर संवाददाता

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