परंपरागत बस्तर समाज में ग्राम सभा सर्वोच्च निर्णायक मंच है। हाल ही में हुई बैठक में पेयजल, स्कूल भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर लंबी चर्चा हुई।
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तालाब की मरम्मत के लिए श्रमदान देने का संकल्प लिया। साथ ही बच्चों की पढ़ाई बेहतर करने के लिए अतिरिक्त शिक्षक की माँग रखी गई।
ग्राम सभा का यह जीवंत स्वरूप दिखाता है कि बस्तर का लोकजीवन आज भी सामूहिकता और स्वशासन के मूल्यों पर टिका हुआ है।