बीजापुर जिले के ग्राम पंचायत ईतामपार का आश्रित ग्राम बोड़गा, जो कभी माओवाद प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, अब विकास की नई इबारत लिख रहा है। वर्षों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे इस गांव में पहली बार जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को जाना।
जिले के कलेक्टर श्री विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे ने बोड़गा पहुंचकर ग्रामीणों के बीच समय बिताया तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के इस दौरे को ग्रामीणों ने विकास और विश्वास की नई शुरुआत के रूप में देखा।
बस्तर मुन्ने शिविर का निरीक्षण
गांव में आयोजित बस्तर मुन्ने शिविर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सैचुरेशन अभियान की समीक्षा की। शिविर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत और राजस्व विभाग की टीमों ने पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी प्रदान किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि गांव के हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए।
योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ पर जोर
कलेक्टर ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिविर के दौरान रजिस्टर और गतिविधियों का अवलोकन कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
किसानों की मांग पर धान खरीदी केंद्र की पहल
ग्रामीणों ने क्षेत्र में धान खरीदी केंद्र की आवश्यकता बताई। इस पर ग्राम पंचायत बैल में धान खरीदी केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
आजीविका और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्व-सहायता समूहों को मजबूत बनाने, आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
ग्रामीणों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं और आर्थिक सशक्तिकरण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने युवाओं और विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए शिक्षा को विकास की सबसे मजबूत नींव बताया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की।
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही 15 जून से शुरू होने वाले मलेरिया मुक्त अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
आवास और स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पात्र हितग्राहियों से चर्चा कर बरसात से पहले आवास और शौचालय निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि समय पर निर्माण कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।
विकास की नई कहानी लिख रहा बोड़गा
वर्षों तक माओवाद की छाया में रहने वाला बोड़गा अब विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों के इस ऐतिहासिक दौरे ने ग्रामीणों में नया विश्वास पैदा किया है।
बोड़गा में अब केवल बदलाव की चर्चा नहीं हो रही, बल्कि विकास की योजनाएं धरातल पर उतरती दिखाई दे रही हैं। यह बदलाव क्षेत्र में शांति, सुशासन और जनभागीदारी की नई तस्वीर पेश कर रहा है।