जगदलपुर। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंगनपुर की रहने वाली विद्या साहू आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़कर उन्होंने न केवल अपना स्वरोजगार स्थापित किया, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाया है। उनकी सफलता की कहानी यह साबित करती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प के साथ ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं।
छोटे स्तर से शुरू हुआ बड़ा सफर
विद्या साहू ने बेकरी और नमकीन निर्माण का व्यवसाय छोटे स्तर पर शुरू किया था। शुरुआत में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद पर विशेष ध्यान दिया। धीरे-धीरे उनके द्वारा तैयार किए गए बेकरी और नमकीन उत्पाद स्थानीय बाजार में लोकप्रिय होने लगे।
आज स्थिति यह है कि आसपास के छोटे व्यापारियों और किराना दुकानदारों के बीच उनके उत्पादों की अच्छी मांग है। वे नियमित रूप से विभिन्न दुकानों में अपने उत्पादों की आपूर्ति कर रही हैं, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है।
हर महीने हो रही अच्छी आय
विद्या बताती हैं कि बेकरी और नमकीन व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 15 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इस आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने अपनी कमाई से स्कूटी और आभूषण भी खरीदे हैं। स्कूटी मिलने से व्यवसाय संचालन में सुविधा बढ़ी है और आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। साथ ही वे अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही हैं ताकि उन्हें बेहतर भविष्य मिल सके।
सिलाई-कढ़ाई से भी बढ़ रही आय
बेकरी व्यवसाय के अलावा विद्या साहू सिलाई-कढ़ाई का कार्य भी करती हैं। यह अतिरिक्त रोजगार उनके परिवार की आय में और वृद्धि कर रहा है। उनकी मेहनत और बहुमुखी कार्यक्षमता उन्हें अन्य महिलाओं से अलग पहचान दिला रही है।
पति का भी मिल रहा पूरा सहयोग
विद्या की सफलता में उनके पति प्रतीक साहू का भी महत्वपूर्ण योगदान है। खेती-किसानी से जुड़े प्रतीक साहू अपनी दो एकड़ कृषि भूमि पर उन्नत खेती कर परिवार की आय बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। दोनों की साझी मेहनत ने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आज विद्या साहू की पहचान केवल एक उद्यमी के रूप में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला के रूप में भी हो रही है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिले तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से शुरू हुआ उनका सफर आज अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। विद्या की कहानी बताती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और सही दिशा में किए गए प्रयास सफलता की नई राह खोल सकते हैं।