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स्वावलंबन 10 जून 2026 2 मिनट का पठन 10 जून 2026

Narayanpur kvk: मशरूम अचार निर्माण से छात्राओं ने दिखाई नवाचार की राह, स्वरोजगार के नए अवसर

अपडेट किया गया: 10 जून 2026

कृषि क्षेत्र में मूल्यवर्धित उत्पादों को बढ़ावा देने और छात्राओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय की छात्राओं ने पौष्टिक और स्वादिष्ट मशरूम अचार

Narayanpur kvk: मशरूम अचार निर्माण से छात्राओं ने दिखाई नवाचार की राह, स्वरोजगार के नए अवसर

जगदलपुर। कृषि क्षेत्र में मूल्यवर्धित उत्पादों को बढ़ावा देने और छात्राओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय की छात्राओं ने पौष्टिक और स्वादिष्ट मशरूम अचार तैयार कर नवाचार की मिसाल पेश की है। छात्राओं द्वारा तैयार किया गया यह उत्पाद महाविद्यालय में आकर्षण का केंद्र बना रहा और कृषि आधारित उद्यमिता की नई संभावनाओं को सामने लेकर आया।

पारंपरिक स्वाद और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम

छात्राओं ने आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों और पारंपरिक स्वाद का समन्वय करते हुए मशरूम अचार तैयार किया। निर्माण प्रक्रिया में ताजे मशरूम के साथ सरसों तेल, हल्दी, लाल मिर्च, नमक, राई, मेथी, सौंफ और अन्य मसालों का उपयोग किया गया। स्वच्छता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए मशरूम को पहले उबाला गया, फिर सुखाकर पारंपरिक विधि से अचार तैयार किया गया। संतुलित मसालों के प्रयोग से स्वाद और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाया गया।

छात्राओं को मिली व्यावहारिक जानकारी

इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं को मशरूम संरक्षण, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, पैकेजिंग और विपणन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से ग्रामीण युवाओं और छात्रों को कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने में मदद मिल सकती है।

स्वरोजगार और उद्यमिता की नई संभावनाएं

विशेषज्ञों के अनुसार मशरूम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पाद बनाते हैं। मशरूम अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला मूल्यवर्धित उत्पाद है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग हो सकती है। उचित ब्रांडिंग और विपणन के माध्यम से यह उत्पाद ग्रामीण युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आय का बेहतर स्रोत बन सकता है।

शिक्षकों के मार्गदर्शन में सफल पहल

यह कार्यक्रम महाविद्यालय की अधिष्ठाता Dr. Ratna Nashine के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. नवीन मरकाम, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. देवेंद्र कुरें, डॉ. सविता आदित्य, डॉ. मदनलाल कुर्रे, डॉ. गौतम भास्कर, डॉ. पुष्पराज दीवान, डॉ. नवनीत ध्रुवे एवं Dr. Vivek Vishwakarma सहित अन्य शिक्षकों ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

इस गतिविधि में छात्राएं Rashmi Singh, Priya Maurya, Rashmi Baghel और Radhika Netam ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने अचार निर्माण से लेकर पैकेजिंग और प्रस्तुतीकरण तक की पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। महाविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे कृषि आधारित उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया।

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बस्तर संवाददाता

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