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लोक जीवन 11 जून 2026 2 मिनट का पठन 11 जून 2026

उज्ज्वला योजना 2026: अब सिर्फ 4 LPG सिलेंडरों पर मिलेगी ₹300 सब्सिडी, जानें नया नियम

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने एलपीजी सब्सिडी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

उज्ज्वला योजना 2026: अब सिर्फ 4 LPG सिलेंडरों पर मिलेगी ₹300 सब्सिडी, जानें नया नियम

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने एलपीजी सब्सिडी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधान के अनुसार अब उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को सालभर में केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। यह नया नियम जून 2026 से लागू हो गया है।

इस फैसले का असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो साल में चार से अधिक गैस सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को पहले चार सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी, जबकि अतिरिक्त सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदने होंगे।

पहले 12, फिर 9 और अब केवल 4 सिलेंडरों पर सब्सिडी

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। योजना के तहत शुरुआत में लाभार्थियों को 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे।

बाद में वर्ष 2025 में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाकर 9 कर दी गई थी। अब सरकार ने इसे और कम करते हुए 4 सिलेंडर प्रति वर्ष कर दिया है।

₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी जारी रहेगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि उज्ज्वला लाभार्थियों को ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी पहले की तरह मिलती रहेगी। हालांकि यह लाभ केवल साल के पहले चार सिलेंडरों तक ही सीमित रहेगा।

सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।

किन परिवारों पर पड़ेगा ज्यादा असर?

ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के वे परिवार जो नियमित रूप से एलपीजी गैस का उपयोग करते हैं और साल में चार से अधिक सिलेंडर खर्च करते हैं, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक भार का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है और सब्सिडी का लाभ लक्षित समूह तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।

उज्ज्वला योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से देश के करोड़ों गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को धुएं से मुक्त स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराया गया है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में कमी आई है और महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

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बस्तर संवाददाता

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