बस्तर खबर
संस्कृति 28 मई 2026 2 मिनट का पठन 28 मई 2026

डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर दिल्ली में जुटा आदिवासी समाज, बस्तर से भी बड़ी भागीदारी

अपडेट किया गया: 28 मई 2026

देश में धर्मांतरित लोगों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची से बाहर करने की मांग अब बड़े जनआंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है।

डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर दिल्ली में जुटा आदिवासी समाज, बस्तर से भी बड़ी भागीदारी

नई दिल्ली में आयोजित इस विशाल जनजातीय सांस्कृतिक समागम में देशभर से आए आदिवासी समुदायों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। सर्व आदिवासी समाज और जनजाति सुरक्षा मंच से जुड़े संगठनों के अनुसार, कार्यक्रम में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया और धर्मांतरित व्यक्तियों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची से बाहर करने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।

बस्तर संभाग के सातों जिलों से बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण दिल्ली पहुंचे। बताया गया कि छत्तीसगढ़ से हजारों कार्यकर्ताओं ने अपने निजी खर्च पर इस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा, जनजातीय संस्कृति और शोभायात्रा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख अरविंद नेताम ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के बाद धर्मांतरण सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। उनके अनुसार, धर्म परिवर्तन के कारण आदिवासी समाज की मूल परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के बाद भी कई लोग अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग को मिलने वाले आरक्षण तथा सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि इससे मूल आदिवासी समुदाय के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान संविधान की धारा 342 से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मंच की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि जो लोग जनजातीय समाज छोड़कर अन्य पंथों में शामिल हो चुके हैं, उन्हें ST वर्ग के लाभ नहीं मिलने चाहिए।

आंदोलनकारियों ने बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने और अवैध चर्च संचालन के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए इस विषय पर गंभीर कार्रवाई जरूरी है।

स्वास्थ्य कारणों से अरविंद नेताम कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की।


लेखक

बस्तर संवाददाता

इस लेखक की सभी ख़बरें

और भी पढ़ें