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स्वावलंबन 29 मई 2026 2 मिनट का पठन 29 मई 2026

बस्तर के काष्ठ और बेलमेटल शिल्पकारों को मिला प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

अपडेट किया गया: 29 मई 2026

छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा विकास आयुक्त हस्तशिल्प, भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से सीएचसीडीएस प्रोजेक्ट के तहत डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया।

बस्तर के काष्ठ और बेलमेटल शिल्पकारों को मिला प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

बस्तर की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने महत्वपूर्ण पहल की है। बस्तर और बकावंड क्षेत्र के काष्ठ शिल्प एवं बेलमेटल शिल्प से जुड़े 70 से अधिक महिला और पुरुष शिल्पकारों को विशेष प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की कवायद शुरू की गई है।

पारंपरिक कला को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल

छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा विकास आयुक्त हस्तशिल्प, भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से सीएचसीडीएस प्रोजेक्ट के तहत डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में:

ग्राम भोण्ड, सालेमेटा और लामकेर के 40 काष्ठ शिल्पकार

ग्राम बड़े जिराखाल, बकावंड के 30 बेलमेटल शिल्पकार

शामिल हुए।

ग्राम भोण्ड और सालेमेटा में 50 कार्य दिवस तथा बड़े जिराखाल में 75 कार्य दिवस तक प्रशिक्षण दिया गया।

आधुनिक टूलकिट से बढ़ेगी गुणवत्ता

कार्यक्रम के दौरान शिल्पकारों को 10 हजार रुपये मूल्य के आधुनिक औजार और उपकरण वितरित किए गए। इससे शिल्पकार अब बेहतर गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर सकेंगे और बाजार में अपनी कलाकृतियों को अच्छे दामों पर बेच पाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक उपकरणों के उपयोग से बस्तर की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल सकती है।

“शिल्पकार मजबूत होंगे तो संस्कृति भी समृद्ध होगी”

कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक कला से जुड़े शिल्पकारों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इससे न केवल उनकी आजीविका मजबूत होगी, बल्कि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित रहेगी।

उन्होंने कहा कि जब स्थानीय शिल्पकार आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, तभी हस्तशिल्प और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।

बड़ी संख्या में पहुंचे शिल्पकार और अधिकारी

कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनीता नेताम, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के महाप्रबंधक राजेंद्र राजवाड़े, हस्तशिल्प प्रमोशन अधिकारी आर.एन. देवांगन, प्रबंधक हेमंत बरमैया और वरिष्ठ विक्रेता आनंद श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिल्पकार मौजूद रहे।

लेखक

बस्तर संवाददाता

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