जगदलपुर। वर्षा ऋतु से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा बस्तर संभाग में सघन क्लोरीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में हजारों हैंडपंपों और नल जल योजनाओं को जीवाणुमुक्त बनाया जा रहा है।
28 हजार से अधिक हैंडपंपों का होगा क्लोरीनेशन
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार आगामी 30 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान में 28,500 से अधिक हैंडपंपों और 1,000 से अधिक नल जल योजनाओं का क्लोरीनेशन किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण आबादी को जलजनित बीमारियों से बचाते हुए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर पेयजल स्रोतों को जीवाणुरहित बनाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इसके साथ ही जल प्रदाय योजनाओं की टंकियों की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
महिला जल वाहिनी निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान में स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। विशेष रूप से महिला जल वाहिनी की सक्रिय भूमिका देखने को मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं जल प्रबंधन और स्वच्छता संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ क्लोरीनेशन अभियान में सहयोग कर रही हैं।
यह पहल न केवल पेयजल की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर रही है, बल्कि ग्रामीणों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है।
हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य भी जारी
पीएचई विभाग द्वारा क्लोरीनेशन के साथ-साथ पेयजल स्रोतों की तकनीकी स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। अप्रैल माह से चलाए जा रहे विशेष संधारण अभियान के तहत अब तक लगभग 3 हजार हैंडपंपों की मरम्मत की जा चुकी है।
इसके अलावा 5,600 से अधिक राइजर पाइप बदले गए हैं। विभाग ने आगे की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 5,500 से अधिक अतिरिक्त राइजर पाइप और अन्य स्पेयर पार्ट्स भी जिलों को उपलब्ध कराए हैं।
वर्षा ऋतु से पहले जल सुरक्षा पर विशेष फोकस
अधीक्षण अभियंता कैलाश मंडरिया ने बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्लोरीनेशन और संधारण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभागीय टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।