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छत्तीसगढ़ समाचार 9 सितंबर 2026 3 मिनट का पठन 4 दिन पहले

200 करोड़ की लागत से बनेंगे 13 पुल, बारिश में नहीं टूटेगा गांवों का संपर्क

अपडेट किया गया: 3 दिन पहले

200 करोड़ की लागत से बनेंगे 13 पुल, बारिश में नहीं टूटेगा गांवों का संपर्क

Bastar Construction जगदलपुर। बस्तर संभाग के दुर्गम और अंदरूनी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की पहल सामने आई है। Bastar Bridge Construction के तहत लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग जगदलपुर के अंतर्गत चार जिलों में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से 13 पुलों का निर्माण किया जाएगा। इन पुलों के बनने से बारिश के दौरान नदी-नालों के उफान के कारण गांवों का मुख्य मार्ग से कटने की समस्या कम होने की उम्मीद है। इस परियोजना से बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसका सीधा फायदा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजमर्रा के आवागमन को मिलने की उम्मीद है।

बीजापुर में सबसे ज्यादा 5 पुलों का निर्माण

बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों में कई गांव नदी-नालों और बरसाती धाराओं के कारण बारिश के मौसम में मुख्य मार्गों से प्रभावित हो जाते हैं। जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। प्रस्तावित 13 पुलों में सबसे ज्यादा 5 पुल बीजापुर जिले में बनाए जाने हैं। इसके अलावा बस्तर में 3, दंतेवाड़ा में 2 और सुकमा में 3 पुल प्रस्तावित हैं।इन जिलों के कई इलाके भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं। ऐसे में पुल निर्माण को केवल आवागमन की सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी जरूरी सुविधाओं से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के रूप में देखा जा रहा है।

बारिश में मरीजों और स्कूली बच्चों को मिलेगी राहत

बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई बार ग्रामीणों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। इसका असर सबसे ज्यादा स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और किसानों पर पड़ता है। पुलों के निर्माण के बाद अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। वहीं विद्यार्थियों को स्कूल और ग्रामीणों को बाजार तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।

निर्माणाधीन पुलों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी

इधर, बस्तर जिले में निर्माणाधीन कुछ पुलों के काम की धीमी गति को लेकर लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग के अधिकारियों ने नाराजगी जताई है।

बिन्ता-सतसपुर से धमबिड़ा एवं खड़कघाट में निर्माणाधीन पुलों के काम की प्रगति धीमी होने पर कार्यपालन अभियंता ने संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

चार जिलों में बेहतर होगी कनेक्टिविटी

लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता करण पंदरीला के अनुसार करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से 13 पुलों का निर्माण किया जाना है।

बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बेहतर Bastar Road Connectivity से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के साथ स्थानीय रोजगार, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंच होगी आसान

पुलों के निर्माण से ग्रामीणों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भी सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा प्रशासनिक अमले और जरूरी सेवाओं की पहुंच भी अंदरूनी गांवों तक बेहतर होने की उम्मीद है। बारिश के दौरान संपर्क टूटने की समस्या कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति को भी बढ़ावा मिल सकता है।

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बस्तर संवाददाता

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