जगदलपुर, 14 सितंबर 2026। बस्तर के सुदूर गांवों और समुदायों के विकास में युवाओं की भागीदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से ‘युवोदय 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के तहत आयोजित विशेष कार्यशाला में जिला प्रशासन और युवा स्वयंसेवकों के बीच जमीनी समस्याओं, स्वयंसेवा के अनुभव और स्थानीय विकास को लेकर सीधा संवाद हुआ।कार्यशाला में बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर यशवंत नायक ने युवा स्वयंसेवकों से बातचीत कर उनके अनुभव, चुनौतियों और भविष्य की आकांक्षाओं को जाना। अधिकारियों ने युवाओं की ऊर्जा और स्थानीय परिस्थितियों की समझ को बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की महत्वपूर्ण ताकत बताया।
स्वयंसेवा से बढ़ा युवाओं का आत्मविश्वास
संवाद के दौरान कलेक्टर आकाश छिकारा ने युवाओं से पूछा कि उनके जीवन में स्वयंसेवा का क्या महत्व है। इस पर स्वयंसेवकों ने बताया कि समुदाय के साथ लगातार काम करने से उनके आत्मविश्वास, संवाद कौशल और लोगों से जुड़ाव में बढ़ोतरी हुई है। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों की गहरी समझ रखने वाले युवाओं की ऊर्जा और समुदाय के साथ उनका आत्मीय जुड़ाव बस्तर के गांवों में सकारात्मक एवं टिकाऊ बदलाव की बड़ी ताकत बन सकता है।
गांव की समस्या पहचानकर समाधान तलाशेंगे युवा
जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर यशवंत नायक ने भी कार्यशाला में स्वयंसेवा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को गहराई से समझने और उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि युवा जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्थानीय विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। युवोदय 2.0 के जरिए प्रशासन और ग्रामीण समुदायों के बीच संवाद को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी खुलकर हुई चर्चा
कार्यशाला में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और संपूर्ण कल्याण को लेकर भी खुला संवाद आयोजित किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने बिना झिझक अपने अनुभव, विचार और चिंताएं साझा कीं। युवोदय 2.0 में युवाओं के सामाजिक योगदान के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत विकास और कल्याण को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
युवोदय 2.0 में बदलेगी स्वयंसेवकों की भूमिका
यूनिसेफ के सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने युवोदय 2.0 के विस्तार और इसकी नई भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सितंबर 2020 में शुरू हुआ युवोदय अभियान अब अधिक सहभागी स्वरूप में आगे बढ़ रहा है। युवोदय 2.0 में स्वयंसेवकों की भूमिका केवल जागरूकता अभियान चलाने या लोगों को गतिविधियों में शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगी। अब स्वयंसेवक अपने गांव की वास्तविक समस्याओं की पहचान, ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ समाधान तैयार करने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनेंगे।
UNICEF और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति का तकनीकी सहयोग
युवोदय 2.0 अभियान को प्रभावी बनाने के लिए यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति की ओर से तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिला प्रशासन और युवा स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इस सहयोग के जरिए युवाओं की क्षमता को स्थानीय विकास की जरूरतों से जोड़ने और उन्हें समस्या समाधान की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका देने का प्रयास किया जा रहा है।
युवा शक्ति से बदलेगा बस्तर का ग्रामीण परिदृश्य
युवोदय 2.0 बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में युवा शक्ति, समुदाय और प्रशासन को एक साथ जोड़ने की पहल है। इसका फोकस गांवों की वास्तविक जरूरतों को समझने और स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर है।युवाओं की सक्रिय भागीदारी, समुदाय का सहयोग और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और सामाजिक बदलाव को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस पहल में युवा केवल स्वयंसेवक नहीं, बल्कि अपने गांवों में बदलाव के सक्रिय सारथी के रूप में भूमिका निभाएंगे।