कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित मुनगाबहार नाला इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच और प्राकृतिक सौंदर्य का नया आकर्षण बनकर उभर रहा है। यहां स्थानीय ग्रामीण युवाओं द्वारा संचालित बैम्बू राफ्टिंग (बांस की नाव) पर्यटकों को प्रकृति के बीच अनोखा अनुभव दे रही है। घने जंगलों, स्वच्छ जलधाराओं और जनजातीय संस्कृति के बीच होने वाली यह सैर देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है।
आधे घंटे की सैर में प्रकृति का अनूठा अनुभव
मुनगाबहार नाला में 21 स्थानीय युवा पर्यटकों को बांस से बनी पारंपरिक राफ्ट के माध्यम से लगभग 500 मीटर तक की रोमांचक यात्रा करा रहे हैं। करीब आधे घंटे तक चलने वाली यह सैर पर्यटकों को कांगेर घाटी की प्राकृतिक सुंदरता के बेहद करीब ले जाती है। राफ्टिंग के दौरान पर्यटक हरियाली, झरनों, शांत जलधाराओं और आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते हैं। नदी के शांत बहाव में बांस की नाव से यात्रा करना उन्हें एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है।
विदेशी पर्यटकों को भा रही बस्तर की आत्मीयता
बैम्बू राफ्टिंग के संचालक सोनू के अनुसार, यह पहल केवल रोमांच तक सीमित नहीं है बल्कि पर्यटकों को बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से समझने का अवसर भी देती है। उन्होंने बताया कि विदेशी पर्यटक विशेष रूप से यहां की आत्मीय मेजबानी, प्राकृतिक वातावरण और जनजातीय संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। आधुनिक जीवन की भागदौड़ से दूर यह स्थान पर्यटकों को प्रकृति और स्थानीय जीवन के साथ गहरा जुड़ाव महसूस कराता है।
स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक नवीन कुमार के अनुसार, सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
बैम्बू राफ्टिंग जैसी गतिविधियों से स्थानीय आदिवासी युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि ग्रामीण पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिली है। साथ ही जनजातीय संस्कृति और स्थानीय विरासत के संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है।
इको-टूरिज्म की नई पहचान बन रहा मुनगाबहार
घने जंगलों, स्वच्छ कांगेर नदी, प्राकृतिक झरनों और शांत ग्रामीण परिवेश से घिरा मुनगाबहार नाला तेजी से बस्तर के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।
प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और स्थानीय संस्कृति का अनूठा संगम इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र बस्तर पर्यटन के प्रमुख गंतव्यों में शामिल हो सकता है।